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प्यारे श्रीमान महोदय ! आपने सन 2006 में श्री मनुदेवी माता की और मंदिर की तथा वहां की भौगोलिक स्थिति की और मंदिर से जुड़े भक्त लोगोंकी संख्या की जानकारी देकर के मंदिर के प्रति सुंदर जागरूकता निर्माण की है इसलिए आपका बहुत-बहुत हार्दिक आभार एवं धन्यवाद तथा इस अच्छे कार्य के लिए आपका बहुत-बहुत हार्दिक अभिनंदन ! आपसे और एक विशेष अनुरोध है, आपने जिस मनुमाता की इतनी भव्यता और दिव्यता बताई उस मनुमाता देवी की प्राचीन मूर्ति जो कि आपने इस लेख के साथ ऑनलाइन पर दर्शाई है उस मनुमाता की मूलमूर्ति को वहां के अनधिकृत कारोबारियो ने सन 2015 में चुपचाप लापता कर दी है। उन कारोबारियों ने श्री मनुदेवी को वज्रलेप विधि करनेके निमित्त से सन 2015 में मई- जून के बीच मंदिर बंद किया था। इसी दौरान 6 जून को मैंने स्थानीय यावल पुलिस स्टेशन को प्राथमिक शिकायत दर्ज की थी, जिसमें मनुदेवी के मूर्ति को वज्रलेप करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? मूर्तिको किसने क्षति पहुंचाई ? इस संबंध में जांच पड़ताल करके दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का शिकायत/ज्ञापन सौंपा था। मेरे ज्ञापन के बाद मंदिर के उन अनधिकृत कारोबारियों ने पुलिस के साथ मिलकर के वज्रलेप विधिका फलक हटाके उसकी जगह पुनर्प्राणप्रतिष्ठा के नाम से फलक लगाकर दिनांक 9 जून से 11 जून 2015 को पुनर्प्राणप्रतिष्ठा का कार्यक्रम किया। यह कार्यक्रम पूर्ण होने पर उसी दिन दोपहर को मनुमाता का जो मंदिर बंद था उसके महाद्वार को खोला गया, तब वहां अचानक प्राचीन मूर्ति की जगह नई विकृत मूर्ति का दर्शन हुआ वह मूर्ति पुरानी मूर्ति से संपूर्ण बदली हुई और भिन्न रूप से दिखाई दी तभी भक्तों ने चकित और आक्रोश भाव से वहां के अनधिकृत पुजारी और कर्मचारियों को तथा कारोबारी आदि को सवाल किये कि, मनुमाता की पुरानी मूर्ति मूलमूर्ति कहां गई? यह नई मूर्ति अचानक कहां से आ गई? किसने ऐसा घोर अनर्थ किया? जिन्होंने यह किया है उनका कभी अच्छा नहीं होगा? ऐसे लोगों ने आक्रोश और सवाल किया तब उन लोगों ने भक्तों के समाधान के लिए और आक्रोश शांत करने के लिए बहाना बनाया की यह पुरानी मनुमाता ही है, पुराने समय से सिंदूर के अंदर यह रूप ढका हुआ था। वज्रलेप विधि करनेके लिए सिंदूर निकाल लेने के कारण अब वह पुराना ही रूप सामने दिखाई दे रहा है! ऐसा झूठ-मूठ कहकर के भक्तों को बहला फुसला करके उनका रोश शांत किया और उसे दिन से आज तक ऐसा ही बेवकूफ बनाने का क्रम चल रहा है! मैं ने तथा मनुदेवी के तमाम भक्तों ने इस मूर्तिबदल-घोटाले के विरोध में सन 2019 तक लगातार कई शिकायतें की, कई ज्ञापन सौंपें परंतु पुलिस प्रशासन ने उन लोगों से कुछ लेनदेन करके इस विषय को रफा दफा किया। उसके बाद कोरोना आने के कारण इस मामले की फाइल बंद की गई और आज तक बंदही रह गई। आपसे निवेदन है कि इस मामले में आप अपनी ओर स्वतंत्र करवाई कीजिए और मनुदेवी के भक्तों को न्याय दीजिए। अगर मेरे सहयोग की या मेरे से कुछ जानकारी लेने की आवश्यकता पड़ी तो मैं आपके साथ खड़ा रहूंगा। आशा करता हूं कि मनुदेवी माता के लाखों भक्तों को आप न्याय दिला करके मनु माता की प्राकृतिक प्राचीन मूल मनुदेवी मूर्ति को हटाने वाले तथा मूल रूप को छेड़छाड़ करके मूल स्वरूपको भंग करने वाले उन सभी दोषियों को उचित दंड तथा शिक्षा दिलाकर मूलस्वरूप को स्थापित करने हेतु तथा भक्तों को मूल मनुदेवी का दर्शन कराने में आपका ऐतिहासिक योगदान देंगे ! मनुमाता से यही प्रार्थना है किइस महान कार्य के लिए आपको देवी मां शक्ति बुद्धि युक्ति प्रदान करें! आपका बाबा महाहंसजी महाराज जंगल बचाओ प्रमुख सचिव- श्री मनुदेवी मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट आडगांव ता यावल जिला जलगांव महाराष्ट्र मोबाइल नंबर 8459326392 ईमेल पता [email protected]

Baba Mahaahansji Maharaj (talk) 15:15, 22 September 2026 (IST)Reply